ताज़ा खबर
OtherTop 10भारतराज्य

देश में ताकतवर और कमजोर के लिए अलग-अलग कानून व्यवस्थाएं नहीं हो सकतीं

Share

नई दिल्ली। सर्वोच्च अदालत ने कहा है कि देश में दो समानांतर लीगल सिस्टम नहीं हो सकता। देश में ताकतवर और कमजोर तबके और राजनीतिक पहुंच वाले लोगों के लिए अलग-अलग कानून व्यवस्थाएं नहीं होनी चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट ने मध्यप्रदेश के दमोह स्थित एडिशनल सेशन जज पर एसपी और दूसरे पुलिस अधिकारियों की तरफ से दबाव बनाने के मामले को गंभीरता से लिया है। डीजीपी को पूरे मामले की एक महीने के भीतर जांच का आदेश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस नेता देवेंद्र चौरसिया की हत्या मामले में मध्यप्रदेश से बीएसपी विधायक रमाबाई के पति गोविंद सिंह की जमानत भी रद्द कर दी।

लोकतंत्र की बुनियाद है स्वतंत्र न्यायपालिका
सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस डी.वाई. चंद्रचूड़ की बेंच ने कहा कि स्वतंत्र न्यायपालिका लोकतंत्र की बुनियाद है और उसमें किसी भी तरह का राजनीतिक दखल व दबाव नहीं होना चाहिए। दोहरी और समानांतर व्यवस्थाएं कानून की वैधता को ही नष्ट कर देंगी। ज्यूडिशियरी को तमाम राजनीतिक और अन्य तरह के बाहरी दबावों से मुक्त होना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राज्य मशीनरी की ड्यूटी है कि वह रूल ऑफ लॉ के प्रति समर्पित रहे।


Share

Related posts

यूपी की पूरी कैबिनेट ने लगाई संगम में डुबकी

samacharprahari

ऑपरेशन विस्फोटक मुक्त बन्दरगाह का सफल संचालन

samacharprahari

मणिपुर में लगातार 5वें दिन गोलीबारी, हिंसा के 600 दिन पूरे

samacharprahari

अमेरिका ने चीनी टेलीकॉम कंपनी पर बैन लगाया

samacharprahari

भारतीय डॉर्नियर ने पाकिस्तानी जंगी जहाज आलमगीर को खदेड़ा

samacharprahari

जैसलमेर में जासूसी का पर्दाफाश: DRDO गेस्ट हाउस में काम करने वाला मैनेजर पकड़ा गया

samacharprahari