सरकार के पास कार्रवाई का कोई रिकॉर्ड नहीं
मुंबई। टैक्स चोरी के मामले में कार्रवाई को लेकर चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पिछले सात वर्षों में 9359 करोड़ रुपये के टैक्स छिपाने के मामले पकड़ में आए हैं, लेकिन केंद्र की मोदी सरकार ने इस पर क्या कार्रवाई की है, इसकी जानकारी उपलब्ध नहीं है। यह चौंकाने वाला खुलासा सूचना के अधिकार के तहत हुआ है।
डायरेक्टरोट जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलीजेंस (डीजीजीआई) ने खुलासा किया है वित्त वर्ष 2021 तक छह वर्षों में 9259 करोड़ रुपये के टैक्स छिपाने के मामले में 158 कारण बताओ नोटिस भेजा गया है, लेकिन इन मामलों में आगे कार्रवाई क्या हुई, इसका कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है।
कोई रिकॉर्ड नहीं
आरटीआई एक्टिविस्ट अभय कोलारकर ने डीजीजीआई के डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ जीएसटी से इस संदर्भ में सूचना मांगी थी। वित्त वर्ष 2015-2021 के बीच विभाग की ओर से भेजे गए कुल कारण बताओ नोटिस और इस पर कार्रवाई को लेकर चौंकानेवाला खुलासा हुआ है। आरटीआई में इसका जवाब नहीं मिल सका कि कितने मामलों में कार्रवाई पूरी हुई और कितने मामले पेंडिंग हैं। विभाग के पास इसका रिकॉर्ड ही नहीं है।
डेटा नहीं हो रहा है मेंटेन
कोलारकर का कहना है कि डायरेक्टोरेट को इन सभी मामलों को ट्रैक करना चाहिए और इनका पूरा रिकॉर्ड रखना चाहिए, लेकिन ऐसा कोई भी डेटा मेंटेन नहीं किया जा रहा है। आरटीआई एक्टिविस्ट कोलारकर ने बताया कि वर्ष 2017 में जीएसटी लागू होने से पहले डीजीजीआई डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सेंट्रल एक्साइज इंटेलीजेंस (डीजीसीईआई) के रूप में काम करती थी।
