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इंजन की वैधता सीमा 5000 घंटे थी, लेकिन वह 8000 घंटे तक चला
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रनवे 29 छोड़कर 11 पर लैंडिंग की कोशिश हुई थी
✍️ प्रहरी संवाददाता मुंबई | राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के विधायक रोहित पवार ने पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार की विमान दुर्घटना की जांच रिपोर्ट को “गंभीर चूक और जिम्मेदारी टालने का प्रयास” करार दिया है। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में तथ्य तोड़े-मरोड़े गए हैं और इससे जांच एजेंसियों की विश्वसनीयता पर सवाल उठता है।
रोहित पवार ने आरोप लगाया कि रिपोर्ट में बारामती को जिला और महापालिका दिखाया गया है, जबकि यह गलत है। उन्होंने कहा कि विमान जिस जगह गिरा वहां पेड़ नहीं थे, केवल झाड़ियां थीं, लेकिन रिपोर्ट में पेड़ों से टकराने का उल्लेख किया गया है। यह “सच्चाई छिपाने और दोष ढकने की कोशिश” है।
उन्होंने दावा किया कि दुर्घटना से पहले कुछ लोग एयरपोर्ट की रेकी करने आए थे, जिसकी जांच सीआईडी और सीबीआई को करनी चाहिए। पवार ने बताया कि विमान में 90% ईंधन था, इंजन की वैधता सीमा 5000 घंटे थी, लेकिन वह 8000 घंटे तक चला। रनवे 29 छोड़कर 11 पर लैंडिंग की कोशिश हुई थी, यह भी रिकॉर्ड में दर्ज है।
पवार ने कहा कि शक्तिशाली लोगों की मदद से दोषियों को बचाने का प्रयास हो रहा है। दुर्घटना के बाद संबंधित विमान विदेश भेजे जा रहे हैं, जिससे संदेह और गहरा हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि डीजीसीए और एआईबी के अधिकारी भी दबाव में हैं।
उन्होंने सवाल उठाया कि अजित पवार के निधन को एक महीना हो गया, लेकिन सीबीआई जांच शुरू नहीं हुई। “सुशांत सिंह मामले में दो दिन में सीबीआई जांच हुई थी, फिर अजितदादा के मामले में देरी क्यों?” पवार ने पूछा।
रोहित पवार ने साफ कहा कि महाराष्ट्र अजित पवार को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जांच निष्पक्ष और पारदर्शी नहीं हुई तो यह “सिर्फ तकनीकी नहीं, बल्कि आपराधिक लापरवाही” साबित होगी।
