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मुंबई को बदनाम करने की साजिश, मेरी खामोशी को मेरी कमजोरी न समझें : उद्धव ठाकरे

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मुंबई। सुशांत सिंह राजपूत की मौत को लेकर कंगना रनौत के साथ चल रहे विवाद के बीच महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने देश व राज्य की जनता के सामने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि वह कई मुद्दों पर बात करना चाहते हैं, लेकिन आज केवल कोरोना वायरस पर ही बात करेंगे। उन्होंने कहा कि कोरोना को लेकर मुंबई को बदनाम करने की कोशिश हो रही है। उन्होंने साफ करते हुए कहा कि मेरी खामोशी को मेरी कमजोरी न समझें। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों से महाराष्ट्र ने कई मुसीबतों का सामना किया है। महाराष्ट्र को बदनाम करने की साजिश रची जा रही है, लेकिन ये वक्त उस पर बात करने का नहीं है। उन्होंने 15 सितंबर से एक नई मुहिम शुरू करने की बात भी कही।


मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी विधानसभा का सत्र महाराष्ट्र में समाप्त हुआ है। फिलहाल इसके लिए सभी पार्टियों का मैं शुक्रिया अदा करना चाहूंगा। उन्होंने कहा कि वह कई मुद्दों पर बात करना चाहते हैं, लेकिन अभी कोरोना पर आपसे बात करूंगा। कोरोना को लेकर आपको डरने की जरूरत नहीं है, आप खबरदार रहें। हम जिम्मेदार रहेंगे। जब कुछ जिम्मेदारी हम उठाएंगे और कुछ आप उठाएंगे तभी कोरोना को हराया जा सकेगा।


वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए लगभग 40 मिनट के अपने संबोधन में उद्धव ठाकरे ने कहा कि मैं राजनीतिक साइक्लोन का सामना करता रहूंगा। कोरोना को लेकर महाराष्ट्र को दुनिया के सामने बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। पूरी दुनिया को लग रहा है कि कोरोना की दूसरी लहर आई है। गांवों तक कोरोना पहुंच रहा है। महाराष्ट्र की स्थिति पूरी तरह खराब नहीं है। लेकिन राज्य को बदनाम करने की लगातार कोशिश की जा रही है।
सीएम ठाकरे ने कहा कि 15 सितंबर से हम एक मुहिम शुरू कर रहे हैं, जो भी अपने महाराष्ट्र से प्यार करता है, वैसे सारे लोग इस मुहिम में अपनी जिम्मेदारी आगे बढ़ कर निभाएं। महाराष्ट्र हमारा परिवार है, इसे सुरक्षित रखना हमारी जिम्मेदारी है। इसलिए मैंने इस मुहिम का नाम ‘मेरा परिवार, मेरी जिम्मेदारी’ रखा है। उन्होंने कहा कि मास्क ही आज के समय में हमारी ब्लैक बेल्ट है और यही हमें कोरोना से बचा सकता है। ऐसे में जरूरी है कि भीड़ की जगह पर मास्क जरूर लगाएं। जनता ने लॉकडाउन के नियमों का पालन किया है। हालांकि, अभी कोरोना संकट का खत्म नहीं हुआ है। सरकार की तरफ से सामान्य जीवन को पटरी पर लाने की कोशिश की जा रही है।


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