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हिंडनबर्ग की नई रिपोर्ट 2.0 पर मचा सियासी घमासान

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कांग्रेस और विपक्षी दलों ने घेरा, बीजेपी बोली झूठे हैं आरोप

 

डिजिटल न्यूज डेस्क, नई दिल्ली। संसद का मॉनसून सत्र खत्म होने के साथ ही देश की सियासत में एक बड़ा भूचाल आ गया है। दरअसल, अडानी प्रकरण में हिंडनबर्ग की एक और चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। इस नई रिपोर्ट में सेबी की चेयरमैन पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

हिंडनबर्ग की नई रिपोर्ट में किए गए खुलासे ने एक बार फिर बीजेपी और पूरे विपक्ष को आमने-सामने खड़ा कर दिया है। कांग्रेस, आम आदमी पार्टी समेत अन्य विपक्षी दल बीजेपी पर हमलावर हैं। बीजेपी भी इस मुद्दे पर खुलकर विरोधियों को जवाब दे रही है।

कांग्रेस ने जेपीसी की मांग की

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि इस ‘बड़े घोटाले’ की जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के गठन की जरूरत है। कांग्रेस नेता ने कहा कि सरकार को अडानी समूह की नियामक की जांच में सभी हितों के टकराव को खत्म करने के लिए तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि जब तक जेपीसी इस मुद्दे की जांच नहीं करती, तब तक यह चिंता बनी रहेगी कि ‘पिछले 7 दशकों में कड़ी मेहनत कर बनाई गईं भारत की संवैधानिक संस्थाओं से समझौता करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने सहयोगी को बचाते रहेंगे।’

हिंडनबर्ग के आरोपों पर सुप्रीम कोर्ट संज्ञान ले: आप पार्टी

आम आदमी पार्टी (आप) ने कहा कि हिंडनबर्ग रिसर्च की ओर से सेबी प्रमुख माधवी पुरी बुच के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर सुप्रीम कोर्ट को संज्ञान लेना चाहिए। हिंडनबर्ग ने रिपोर्ट में दावा किया है कि माधवी बुच और उनके पति की उस ऑफशोर फंड में हिस्सेदारी थी, जिसका इस्तेमाल अडानी समूह में धन की हेराफेरी के लिए किया गया।

 

विपक्षी दल हिंडनबर्ग के आरोपों के साथ सुर मिला रहे: बीजेपी

उधर, बीजेपी ने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर भारत में वित्तीय अस्थिरता और अराजकता पैदा करने की साजिश का हिस्सा होने का आरोप लगाया।

बीजेपी प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि पिछले साल अडानी समूह के खिलाफ गंभीर आरोप लगाने वाली शॉर्ट सेलिंग कंपनी (हिंडनबर्ग) भारतीय जांच एजेंसियों की जांच का सामना कर रही है। विपक्षी दल भी हिंडनबर्ग के आरोपों के साथ सुर मिला रहे हैं और साजिश अब स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है कि वे अराजकता और अस्थिरता पैदा करना चाहते हैं, खासकर वित्तीय क्षेत्र में।

 

सेबी चीफ ने क्या कहा?

वहीं, सेबी प्रमुख और उनके पति ने संयुक्त रूप से बयान जारी कर हिंडनबर्ग के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे पूरी तरह से बेबुनियाद बताया है। उन्होंने कहा, ‘रिपोर्ट में लगाए गए आरोप पूरी तरह से निराधार और बेबुनियाद हैं।’
सेबी की ओर से कहा गया कि अडानी समूह के खिलाफ सभी आरोपों की विधिवत जांच की गई है। उसकी चेयरपर्सन माधबी पुरी बुच ने समय-समय पर संबंधित जानकारी दी। संभावित हितों के टकराव से जुड़े मामलों से खुद को अलग रखा।

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