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रूस में सुनामी की ऊंची लहरें, जापान में न्यूक्लियर प्लांट खाली… 8.8 तीव्रता के भूकंप ने मचाई तबाही

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✍🏻 डिजिटल न्यूज डेस्क, मॉस्को/टोक्यो/वेलिंगटन। रूस के सुदूर पूर्वी तटीय क्षेत्र में बुधवार तड़के 8.8 तीव्रता का भीषण भूकंप आया, जिसके बाद उत्तरी प्रशांत क्षेत्र में सुनामी की चेतावनी जारी कर दी गई। भूकंप का केंद्र कैमचटका प्रायद्वीप के निकट समुद्र में था। यूएस जियोलॉजिकल सर्वे (यूएसजीएस) के मुताबिक, भूकंप की तीव्रता 8.7 से 8.8 मापी गई, जो बेहद खतरनाक मानी जाती है। यह भूकंप समुद्र के अंदर बेहद कम गहराई, लगभग 19 किलोमीटर नीचे आया, जिससे सतह पर कंपन ज्यादा महसूस किया गया और सुनामी का खतरा और बढ़ गया।

रूस में रेस्क्यू अभियान शुरू

रूसी अधिकारियों ने बताया कि कुरील द्वीप समूह के सेवेरो-कुरील्स्क में पहली सुनामी लहर आई, जिससे तटीय इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई। प्रशासन ने तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है। कई निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया है। क्षेत्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि कुछ लोगों ने इलाज के लिए संपर्क किया, लेकिन किसी गंभीर चोट की सूचना नहीं है।

जापान में हाई अलर्ट

जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने बताया कि देश के 16 तटीय इलाकों में लगभग 40 सेंटीमीटर ऊंची समुद्री लहरें देखी गईं। होक्काइडो से टोक्यो तक के क्षेत्र में 900,000 से अधिक लोगों को निकालने की सलाह दी गई है। जापानी परमाणु संयंत्रों में काम रोक दिया गया है, हालांकि अभी तक कोई गड़बड़ी नहीं पाई गई। होक्काइदो, तोहोकु, कांतों इजू और ओगासावरा द्वीपों पर सुनामी की चेतावनी जारी की गई है।

अमेरिका में हवाई, अलास्का और वेस्ट कोस्ट के कुछ हिस्सों में भी चेतावनी जारी की गई है। प्रशांत सुनामी चेतावनी केंद्र ने संभावित खतरे की पुष्टि की है। कैलिफोर्निया के लॉस एंजिल्स, वेंचुरा और अन्य तटीय काउंटियों में जल स्तर बढ़ने और तेज धाराओं की आशंका जताई गई है।

न्यूजीलैंड में भी समुद्र तटों पर लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। अधिकारियों ने असामान्य लहरों और तेज बहाव को लेकर देशभर में चेतावनी दी है।

दशकों का सबसे ताकतवर भूकंप

स्थानीय अधिकारियों ने इसे दशकों में आया सबसे ताकतवर भूकंप बताया है। उन्होंने तटीय क्षेत्र में रहने वाले नागरिकों से तुरंत सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। साथ ही लोगों से अफवाहों से दूर रहने और सरकारी निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।

जुलाई में पहले भी महसूस हुए थे झटके

गौरतलब है कि जुलाई महीने में पहले भी कैमचटका क्षेत्र के पास समुद्र में कई भूकंप दर्ज किए गए थे, जिनमें एक की तीव्रता 7.4 थी। लेकिन, इस बार आया भूकंप उससे कहीं ज्यादा शक्तिशाली है, जिससे न केवल रूस बल्कि आसपास के तमाम देशों में सतर्कता बढ़ा दी गई है।


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