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चीन की सेना में बड़ा बदलाव, बनाई स्पेशल सैन्य यूनिट

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ड्रैगन ने हवा में मार करने वाली मिसाइलों की लाइन लगा दी

डिजिटल न्यूज डेस्क, बीजिंग। चीन ने आधुनिक युद्ध की चुनौतियों को देखते हुए अपनी सेना में एक बड़ा बदलाव किया है। पिछले एक दशक में किया गया, यह सबसे बड़ा बदलाव कहा जा रहा है।
चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक, 19 अप्रैल को चीन ने एक नई सैन्य यूनिट बनाने की घोषणा की थी। इस नई सैन्य यूनिट को इन्फॉर्मेशन सपोर्ट फोर्स का नाम दिया गया है।

इसके अलावा, चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) बहुत लंबी दूरी की हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल (VLRAAM) भी विकसित कर रही है, जो दूर से ही अपने लक्ष्य पर सटीक निशाना लगा सकती हैं। चीनी PL-15 मिसाइल की तुलना अक्सर अमेरिकी AIM-120 AMRAAM से की जाती है।

 

एजेंसी के मुताबिक, हाल ही में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान इस स्पेशल सैन्य यूनिट की घोषणा की गई। इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ केंद्रीय सैन्य आयोग के कई वरिष्ठ सदस्य शामिल थे। राष्ट्रपति शी जिनपिंग, केंद्रीय सैन्य आयोग के चेयरमैन हैं। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों से कहा कि यह स्पेशल यूनिट सेना की एक रणनीतिक इकाई होगी, जिसका काम नेटवर्क इन्फॉरमेशन सिस्टम को मजबूत करना होगा।

समाचार एजेंसी शिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछली बार जब सेना में बड़ा सुधार किया गया था तो 31 दिसंबर, 2015 को बनी स्ट्रेटजिक सपोर्ट फोर्स को भंग कर दिया गया था। इसके तहत एयरोस्पेस और साइबर यूनिट, इन्फॉरमेशन सपोर्ट फोर्स के समानांतर काम कर रही हैं। चीनी रक्षा मंत्रालय ने नई यूनिट के गठन पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की थी।

प्रवक्ता वू कियान ने कहा कि नए सुधार के तहत अब पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के पास चार सर्विसेज हैं, जिसमें सेना, नौसेना, वायु सेना और रॉकेट फोर्स शामिल हैं। उन्होंने बताया कि चार सर्विसेज के अलावा पीएलए के पास चार आर्म्स भी हैं, जिसमें एयरोस्पेस फोर्स, साबइरस्पेस फोर्स, इन्फॉरमेशन सपोर्ट फोर्स और ज्वाइंट लॉजिस्टिक सपोर्ट फोर्स शामिल हैं।

हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल रेस

बता दें कि अमेरिका और चीन पिछले कुछ वर्षों से सामरिक मोर्चे पर एक दूसरे से प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। दोनों ही देश हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलों की गुणवत्ता, गति और रेंज को आगे बढ़ा रहे हैं। इसके अलावा स्टील्थ तकनीकों से लैस जहाजों के लिए आंतरिक रूप से अधिक हथियारों को ले जाने की क्षमता पर भी दोनों देश काम कर रहे हैं।

रिपोर्ट में संकेत दिया गया है कि चीन के पास पहले से ही PL-17 लंबी दूरी की हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल है। चीन और अधिक उन्नत लंबी दूरी की मिसाइल, PL-XX या PL-21 पर भी काम कर रहा है। ड्यूअल मोड गाइडेंस क्षमता वाली मिसाइल जिसमें, एक्टिव रडार और इन्फ्रारेड होमिंग सीकर का उपयोग किया जाएगा, ताकि वह अपने लक्ष्य के चयन की क्षमताओं में सुधार कर सके।

इन मिसाइलों के अलावा, चीन पांचवीं पीढ़ी के J-20 लड़ाकू विमान को अपग्रेड करने, H-20 स्टील्थ बॉम्बर विकसित करने की योजना पर भी आगे बढ़ रहा है। एच-20 को परमाणु और पारंपरिक दोनों तरह के हमला करने में माहिर किया जाएगा।

चीन एक नए Y-20U टैंकर को तैनात करने पर भी काम कर रहा है। Y-20 AEW&C वैरिएंट पर भी काम कर रहा है। स्पष्ट रूप से PLA वायु सेना (PLAAF) तेजी से पश्चिमी वायु सेनाओं की बराबरी कर रही है।


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