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मुख्यमंत्री उद्धव का बड़ा फैसला- आरे मेट्रो कार शेड प्रोजेक्ट रद्द

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आरे कॉलोनी के 2500 से अधिक पेड़ों की हुई थी कटाई

मुंबई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने विवादों में घिरे आरे मेट्रो कार शेड प्रोजेक्ट को रद्द कर दिया है। हालांकि बॉम्बे हाईकोर्ट ने 4 अक्टूबर को आरे कॉलोनी को जंगल घोषित करने से इनकार कर दिया था। कोर्ट ने मेट्रो कार शेड स्थापित करने के लिए ग्रीन ज़ोन में 2,600 से अधिक पेड़ों की कटाई की अनुमति देने के मुंबई महानगर पालिका के फैसले को भी रद्द करने से इनकार कर दिया था।
राज्य सरकार ने पर्यावरण को देखते हुए मेट्रो कार शेड बनाने के फैसले का रोक लगा दी है। आरे मेट्रो कार परियोजना का स्थान बदलने की घोषणा करते हुए अब इसे पूर्वी उपनगर स्थित कांजूरमार्ग स्थानांतरित करने की बात कही गई। मुख्यमंत्री ठाकरे ने डिजिटल कॉन्फ्रेंस में रविवार को कहा कि परियोजना को कांजूरमार्ग में सरकारी भूमि पर स्थानांतरित किया जाएगा और इस काम में कोई अतिरिक्त खर्च नहीं आएगा। उन्होंने कहा, ‘भूमि शून्य दर पर उपलब्ध कराई जाएगी।’

   सीएम ठाकरे ने कहा कि आरे जंगल के तहत आने वाली भूमि का इस्तेमाल दूसरे जन कार्यों के लिए किया जाएगा। इस परियोजना पर लगभग 100 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं, जो बर्बाद नहीं जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले सरकार ने बताया था कि आरे वन भूमि 600 एकड़ है , लेकिन अब इसमें संशोधन कर बताया जाता है कि यह 800 एकड़ है। आरे वन में आदिवासियों के अधिकारों में हस्तक्षेप नहीं किया जाएगा।

   मुख्यमंत्री ने रविवार को प्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि आरे में जैव विविधता को संरक्षित और सुरक्षित करने की आवश्यकता है। कहीं भी शहरी सेटअप में 800 एकड़ का जंगल नहीं है। मुंबई में एक प्राकृतिक फॉरेस्ट कवर है। उन्होंने कहा कि पिछले साल जिन नागरिकों और पर्यावरणविदों ने आरे परियोजना के खिलाफ विरोध किया था और उस क्षेत्र में पेड़ों की कटाई को लेकर आपत्ति जताई थी उनके खिलाफ दर्ज किए गए मामलों को वापस ले लिया गया है।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के एक दिन बाद, उद्धव ठाकरे ने मुंबई की ग्रीन लंग आरे कॉलोनी में मेट्रो कार शेड के निर्माण पर रोक लगाने की घोषणा की थी, जहां काम के लिए पेड़ों की कटाई के खिलाफ पिछले साल अक्टूबर में जोरदार विरोध प्रदर्शन हुआ था।

बता दें कि महाराष्ट्र में भाजपा की अगुवाई वाली सरकार के खिलाफ अक्टूबर में पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने उस समय प्रदर्शन किया था जब सरकार ने संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान से सटे आरे कॉलोनी में एक कार शेड के लिए 2,000 से अधिक पेड़ गिरा दिए गए थे। तब देवेंद्र फडणवीस सरकार में  शामिल शिवसेना ने भी पेड़ों की कटाई का विरोध किया था।


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