✍️ डिजिटल न्यूज डेस्क, न्यूयॉर्क/टोरंटो | अमेरिका में वरिष्ठ नागरिकों को अपना शिकार बनाकर 75 लाख डॉलर (करीब 62.5 करोड़ रुपये) की ठगी करने वाले एक बड़े अंतरराष्ट्रीय गिरोह के ‘मनी म्यूल’ जय सुनीलभारती गोस्वामी को कनाडा में गिरफ्तार कर लिया गया है। मूल रूप से गुजरात का रहने वाला 21 वर्षीय गोस्वामी न्यू जर्सी के जर्सी सिटी में रह रहा था। अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, आरोपी को उस वक्त हिरासत में लिया गया जब वह जमानत की शर्तें तोड़कर कनाडा के रास्ते कतर भागने की कोशिश कर रहा था। अब अमेरिका उसके प्रत्यर्पण की तैयारी में जुटा है।
अमेरिकी न्याय विभाग और आईआरएस आपराधिक जांच शाखा के अनुसार, यह गिरोह फोन और इंटरनेट के जरिए 59 से 87 वर्ष के बुजुर्गों को निशाना बनाता था। पीड़ितों को डराया जाता था कि उनके बैंक खाते, जमा पूंजी और निजी जानकारी हैक हो चुकी है। इसके बाद उन्हें अपनी जीवनभर की बचत को नकदी, सोने या गिफ्ट कार्ड में बदलने के लिए मजबूर किया जाता था। गिरोह के सदस्य खुद को कानून प्रवर्तन अधिकारी बताकर बुजुर्गों से यह सोना और नकदी ऐंठ लेते थे। इस पूरी साजिश में गोस्वामी ‘मनी म्यूल’ यानी जमीनी स्तर पर नकदी और सोना इकट्ठा करने वाले का काम करता था।
जांच में सामने आया है कि गोस्वामी ने न्यूयॉर्क और न्यू जर्सी में कई बुजुर्गों से व्यक्तिगत रूप से भारी मात्रा में सोना और कैश वसूला। ठगी के इस खेल में पीड़ितों ने कुल 7.56 मिलियन डॉलर गंवा दिए। गोस्वामी ने अगस्त 2025 से अप्रैल 2026 के बीच अपने बैंक ऑफ अमेरिका खाते में 90,000 डॉलर से अधिक की नकद राशि जमा की थी, जिसे जांच एजेंसियां इस फर्जीवाड़े में कमीशन के तौर पर मिली रकम मान रही हैं।
आरोपी को अमेरिकी मजिस्ट्रेट जज मार्क डब्ल्यू. पेडरसन के सामने पेश किया गया था, जहां से उसे कुछ शर्तों के साथ रिहा किया गया। लेकिन अगले ही दिन वह पीस ब्रिज के रास्ते अवैध रूप से सीमा पार कर कनाडा पहुंच गया। अमेरिकी एजेंसियों को भनक लगी कि उसने उसी शाम टोरंटो से दोहा (कतर) की फ्लाइट बुक की है। इसके तुरंत बाद अमेरिकी अदालत ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया और कनाडाई अधिकारियों ने गोस्वामी को टोरंटो पियर्सन इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर दबोच लिया।
गोस्वामी पर वायर फ्रॉड, मनी लॉन्ड्रिंग और साजिश रचने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पश्चिमी न्यूयॉर्क के अमेरिकी अटॉर्नी कार्यालय के अनुसार, इन आरोपों में साबित होने पर उसे 20 साल तक की जेल हो सकती है। इस मामले की जांच में होमलैंड सिक्योरिटी, न्यू यॉर्क और न्यू जर्सी स्टेट पुलिस समेत कई अमेरिकी और कनाडाई सुरक्षा एजेंसियां संयुक्त रूप से शामिल हैं।
