बद्रीनाथ मंदिर घोटाला: दान में वित्तीय अनियमितता को लेकर उत्तराखंड सरकार सख्त
✍️ डिजिटल न्यूज डेस्क, लखनऊ | अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले के बाद अब उत्तराखंड के प्रसिद्ध चारधामों में से एक, बद्रीनाथ मंदिर में दान और चढ़ावे में वित्तीय अनियमितताओं (गबन) का बड़ा मामला सामने आया है। मामला गरमाने के बाद उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर एक तीन सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है, जो इस पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच करेगी।
Alleged irregularities in donations and offerings at the Badrinath Temple | Acting on the directions of Chief Minister Pushkar Singh Dhami, the state government constituted a three-member high-level committee to conduct a comprehensive inquiry into the matter. The committee will… pic.twitter.com/7nw0DyBORx
— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) July 8, 2026
PA सस्पेंड और FIR दर्ज
बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए सख्त प्रशासनिक कदम उठाया है। चेयरमैन कार्यालय में तैनात पर्सनल असिस्टेंट (PA) प्रमोद नौटियाल को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है और उनके खिलाफ एफआईआर (FIR) भी दर्ज कराई गई है।
गढ़वाल कमिश्नर करेंगे जांच की अध्यक्षता
इस उच्च स्तरीय जांच समिति की अध्यक्षता गढ़वाल कमिश्नर आनंद स्वरूप करेंगे। समिति में एनएचएम (NHM) के मैनेजिंग डायरेक्टर संदीप तिवारी और चिकित्सा व स्वास्थ्य विभाग के डायरेक्टर (फाइनेंस) जगत सिंह चौहान को सदस्य बनाया गया है। यह समिति किसी भी विशेषज्ञ की सहायता ले सकती है और भविष्य के लिए दान प्रबंधन प्रणाली को मजबूत करने के उपाय भी सुझाएगी।
मायावती ने उठाई मुख्य प्रबंधकों की जांच की मांग
इस मुद्दे पर राजनीतिक सरगर्मी भी बढ़ गई है। बहुजन समाज पार्टी (BSP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने ‘एक्स’ (ट्विटर) पर पोस्ट कर राम मंदिर और बद्रीनाथ मंदिर दोनों मामलों की गहन जांच की मांग की है। मायावती ने कहा कि निचले स्तर पर हुई इस गड़बड़ी में मुख्य प्रबंधकों की मिलीभगत या लापरवाही की आम चर्चा है, इसलिए ट्रस्ट से जुड़े मुख्य प्रबंधकों की भी सही से जांच होनी चाहिए।