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सावधान, कोरोना वायरस की दूसरी लहर कहीं सुनामी बन कर न आ जाएः मुख्यमंत्री ठाकरे

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स्थिति की समीक्षा करने के बाद लॉकडाउन को लेकर आगे का फैसला किया जाएगा

समाचार प्रहरी, मुंबई।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कोरोना वायरस की दूसरी लहर की आशंका के बीच नागरिकों से सावधान और सतर्क रहने को कहा है। रविवार को कोरोना संकट को लेकर मुख्यमंत्री ने राज्य की जनता को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि दुनियाभर में कोरोना के मरीजों की संख्या फिर से बढ़ने लगी है, ये कोरोना की लहर नहीं सुनामी है। यह एक गंभीर चिंता का विषय है। हालांकि मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कर दिया है कि अगले 8 से 10 दिनों में स्थिति की समीक्षा की जाएगी, तब लॉकडाउन को लेकर आगे का फैसला किया जाएगा।

बता दें कि दिल्ली के बाद कोरोना का भयावह रूप महाराष्ट्र में देखा जा रहा है। राज्य सरकार ने सभी नागरिकों से सावधानी बरतने को कहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक कोरोना की कोई वैक्सीन नहीं आई है। राज्य की 12 करोड़ जनसंख्या को कम से कम दो डोज देने होंगे। यानी 24 करोड़ डोज की जरूरत होगी। वैक्सीन को लेकर अब तक कोई गाइडलाइंस भी नहीं है। इसलिए हर हाल में हमें सतर्क रहना होगा। फिलहाल इसका समाधान सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क पहनना है। सीएम ने कहा कि दिवाली के दौरान बाजारों में भीड़ से कोरोना संक्रमण बढ़ा है। अभी बहुत से लोग मास्क नहीं लगा रहे हैं, जो चिंता का विषय है।

मुख्यमंत्री ने साफ करते हुए कहा कि सब कुछ ओपन हो गया है, तो इसका मतलब कोरोना वायरस मर गया है, ऐसा नहीं है। भीड़ में कोरोना मरेगा नहीं, बल्कि तेजी से बढ़ेगा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि डर इस बात का है कि कोरोना वायरस की दूसरी लहर कहीं सुनामी बन कर न आ जाए। हमारे पास पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाएं हैं, लेकिन जो लोग 8 महीने इस काम में लगे हैं, उन पर भी दबाव कम करना चाहिए।


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