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बीजेपी की अकूत दौलत के सामने सभी पार्टी ‘कंगाल’

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– एक ही कतार में हैं बीजेपी, कांग्रेस समेत सभी बड़ी पार्टियां

प्रहरी संवाददाता, मुंबई। भारत की राजनीतिक पार्टियां कहां से दौलत जुटाती हैं, इसका हिसाब वे कभी भी जनता को नहीं देतीं। न ही गुप्त दान के बारे में कोई खुलासा करने को तैयार रहती हैं। बीजेपी की अकूत दौलत के सामने देश की सभी पार्टी ‘कंगाल’ ही हैं। नियमतः चुनावी बॉन्ड से होने वाली कमाई का हिसाब चुनाव आयोग को देना होता है। इसके बावजूद किसी भी पार्टी ने अपना हिसाब नहीं दिया। चुनावी बॉन्ड और गुप्त दान से मिले धन के बारे में जानकारी छिपाने में बीजेपी, कांग्रेस समेत सभी बड़ी पार्टियां एक ही कतार में खड़ी नजर आती हैं। नेशनल इलेक्शन वॉच की रिपोर्ट के अनुसार, मार्च 2018 से लेकर जुलाई 2023 तक कुल 24,012 इलेक्टोरल बॉन्ड जारी हुए, जिसके जरिए पार्टियों ने 13,792 करोड़ रुपये बटोरे हैं।

दिलचस्प बात है कि एक दूसरे पर घोटालेबाज, भ्रष्टाचारी, उगाही जैसे गंभीर शब्दों से आरोप लगाने वाली राजनीतिक पार्टियां खुद की आमदनी का हिसाब जनता को कभी नहीं बताती हैं। चुनावी बॉन्ड को लेकर सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में जो हलफनामा दायर किया गया है। अटॉर्नी जनरल ने कहा कि इसकी समीक्षा शीर्ष अदालत के अधिकार क्षेत्र में नहीं है। आम नागरिकों को भी सोर्स जानने का अधिकार नहीं है। यह योजना किसी भी तरह से कानून का उल्लंघन नहीं है।

एक अनुमान के मुताबिक, राजनीतिक दल केवल 31 फीसदी आमदनी का सोर्स ही ओपन करती है, बाकी के 69 फीसदी का कोई हिसाब किताब सार्वजनिक नहीं किया जाता है। इसी वजह से चुनावी बॉन्ड से सियासी दलों को मिलने वाली राशि को लेकर एक याचिका दायर की गई है।

गुप्त चंदे में भी BJP अव्वल

बीजेपी को 2021-22 में बीजेपी को को सबसे ज्यादा 1033.70 करोड़ रुपये चुनावी बॉन्ड के रूप में मिली। वहीं कांग्रेस को इसी अवधि में 236.10 करोड़ रुपये मिले। जेडीयू को 10 करोड़ और आरजेडी को कोई भी रकम चुनावी बॉन्ड में नहीं मिले। इसी तरह, 2019-20 में बीजेपी को 2555 करोड़ रुपये और कांग्रेस को 317.86 करोड़ रुपये मिले थे। 2018-19 में बीजेपी को 1450 करोड़ और कांग्रेस को 383.26 करोड़ रुपये गुप्त दान मिले थे।

 

 


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