आपराधिक मामलों में उत्तर प्रदेश टॉप, र्मडर के 3779 और रेप के 2,339 केस दर्ज
प्रहरी संवाददाता, मुंबई। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) ने बुधवार को जो आंकड़े जारी किए हैं, उसके अनुसार, भारत में पिछले साल यानी 2020 में प्रतिदिन औसतन 80 हत्याएं हुईं और कुल 29,193 लोगों का मर्डर किया गया। देश में पिछले साल बलात्कार के प्रतिदिन औसतन करीब 77 मामले दर्ज किए गए। इस मामले में राज्यों की सूची में उत्तर प्रदेश अव्वल स्थान पर है। आपराधिक मामलों में उत्तर प्रदेश टॉप पर है।
हत्या और अपहरण के मामले तेजी से बढ़े
आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2019 की तुलना में पिछले साल हत्या के मामलों में एक प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। 2019 में प्रतिदिन औसतन 79 हत्याएं हुई थी और कुल 28,915 कत्ल हुए थे। वहीं, पिछले साल औसतन 80 हत्याएं हुईं और कुल 29,193 लोगों का मर्डर हुआ है। वर्ष 2020 में अपहरण के 84,805 मामले दर्ज किए गए, जबकि वर्ष 2019 में 1,05,036 मामले दर्ज किए गए थे। देश में अपहरण के 84,805 मामलों में 88,590 पीड़ित थे। रोचक बात यह भी है कि 56,591 बच्चों का अपहरण किया गया था।
अपराध में उत्तर प्रदेश टॉप पर
आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2020 के दौरान उत्तर प्रदेश में हत्या के कुल 3779 मामले, रेप के 2,339 मामले और अपहरण के 12,913 दर्ज किए गए। इसके बाद बिहार में हत्या के 3,150 और अपहरण के 7,889 मामले, महाराष्ट्र में हत्या के 2,163 और अपहरण के 8,103 मामले, मध्य प्रदेश में मर्डर के 2,101 और अपहरण के 7,320 मामले दर्ज हुए हैं। पश्चिम बंगाल में पिछले साल हत्या के 1,948 और अपहरण के 9,309 मामले दर्ज किए गए। इसी तरह, दिल्ली में पिछले साल हत्या के 472 मामले और अपहरण के 4,062 दर्ज हुए थे।
30-45 आयुवर्ग के लोगों की सबसे ज्यादा हत्या
एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल जिन लोगों की हत्या की गई थी उनमें से 38.5 प्रतिशत 30-45 वर्ष आयु समूह के थे, जबकि 35.9 प्रतिशत 18-30 वर्ष आयु के समूह के थे। इसके अलावा, 16.4 फीसदी 45-60 वर्ष की आयु वर्ग के थे तो वहीं चार प्रतिशत 60 वर्ष से अधिक उम्र के थे।
