✍🏻 डिजिटल न्यूज़ डेस्क, मुंबई | बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनाव से पहले महायुति गठबंधन को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। मतदान होने से पहले ही गठबंधन को दो सीटों का नुकसान उठाना पड़ा है। नामांकन पत्रों की जांच (स्क्रूटनी) के दौरान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले शिवसेना गुट के उम्मीदवारों के नामांकन दो वार्डों में रद्द कर दिए गए, जिससे इन इलाकों में महायुति चुनावी दौड़ से बाहर हो गई।
बीएमसी चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि के बाद आधिकारिक रूप से नामांकन पत्रों की जांच शुरू हुई। इसी जांच के दौरान सामने आया कि वार्ड क्रमांक 211 और 212 में महायुति के उम्मीदवार अनिवार्य प्रक्रियात्मक शर्तें पूरी नहीं कर पाए, जिसके चलते उनके नामांकन खारिज कर दिए गए।
वार्ड क्रमांक 211 में महायुति के सीट बंटवारे के तहत यह सीट शिंदे गुट की शिवसेना को मिली थी। हालांकि, शिवसेना उम्मीदवार का नामांकन अधूरे दस्तावेजों के कारण रद्द कर दिया गया। चुनावी नियमों के अनुसार आवश्यक कागजात जमा न होने पर रिटर्निंग ऑफिसर ने नामांकन स्वीकार करने से इनकार कर दिया, जिससे इस वार्ड में महायुति का कोई उम्मीदवार नहीं रह गया।
इसी तरह वार्ड क्रमांक 212 में भाजपा उम्मीदवार मंदाकिनी खामकर का नामांकन भी खारिज कर दिया गया। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, उन्हें अनिवार्य एबी फॉर्म (AB Form) तो मिला था, लेकिन वह नामांकन पत्र जमा करने की तय समय-सीमा से 15 मिनट देर से नामांकन कार्यालय पहुंचीं। इस देरी के चलते चुनाव अधिकारियों ने नियमों का सख्ती से पालन करते हुए उनका नामांकन रद्द कर दिया।
वार्ड 211 और 212 दोनों में भाजपा और शिंदे गुट की शिवसेना के उम्मीदवारों का पर्चा खारिज हो जाने से महायुति गठबंधन इन दो सीटों पर मतदान से पहले ही सीधे चुनावी मुकाबले से बाहर हो गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बीएमसी जैसे हाई-प्रोफाइल महानगर पालिका चुनाव में यह सत्तारूढ़ गठबंधन के लिए बड़ी किरकिरी है।
इस बीच, वार्ड क्रमांक 212 में ठाकरे भाइयों के गठबंधन समर्थित महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) की उम्मीदवार श्रावणी हलदणकर की मौजूदगी के कारण यह सीट खासा चर्चा में है। उनके सामने अखिल भारतीय सेना, कांग्रेस और अन्य दलों के उम्मीदवार मैदान में हैं। हालांकि, इलाके में ठाकरे खेमे के एकजुट समर्थन को देखते हुए हलदणकर को मजबूत दावेदार माना जा रहा है। राजनीतिक हलकों का कहना है कि यह वार्ड मनसे के लिए बीएमसी में खाता खोलने में अहम भूमिका निभा सकता है।
