प्रहरी संवाददाता, मुंबई। भारतीय रेलवे अगले साल को फरवरी 2022 में एल्युमीनियम कोच की पहली खेप मिल सकती है। रायबरेली स्थित मॉडर्न कोच फैक्ट्री (एमसीएफ) में एल्युमीनियम कोच बनाने की योजना है। रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि पहले 3 कोच कोलकाता मेट्रो को दिए जाएंगे। इसके बाद रेलवे को राजधानी और शताब्दी एक्सप्रेस स्टाइल की प्रीमियम ट्रेनों के लिए ये कोच मिलेंगे। रेलवे बोर्ड ने एमसीएफ में जरूरी बुनियादी ढांचा तैयार होने के बाद 500 एल्युमीनियम कोच बनाने की मंजूरी दी है।
दक्षिण कोरियाई कंपनी के साथ डील
एमसीएफ ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए दक्षिण कोरिया की कंपनी डॉनसिस (Dawonsys) के साथ 128 करोड़ रुपये की डील साइन की है। हालांकि कोविड-19 महामारी के कारण इस प्रोजेक्ट में देरी हुई है। दक्षिण कोरिया की कंपनी डिजाइन शेयर करेगी। एमसीएफ से मंजूरी मिलने के बाद इन्हें दक्षिण कोरिया में बनाया जाएगा और फिर नॉक्ड डाउन कंडीशन में भारत लाया जाएगा। बाद में एमसीएफ को यह टेक्नोलॉजी ट्रांसफर की जाएगी।
100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार
अधिकारी ने कहा कि 3 स्टैंडर्ड गेज मेट्रो कोच में दो ड्राइवर मोटर कार्स और एक ट्रेलर कोच होगा, जिनकी रफ्तार 100 किमी प्रति घंटे तक हो सकती है। इस कॉन्ट्रैक्ट में 8 ब्रॉड गेज लोकोमोटिव हॉल्ड कोच बनाने का प्रावधान भी है। इनमें 3 एसी-3 टियर स्लीपर कोच, 2 एसी-2 टियर स्लीपर्स, 1 एसी-1 स्लीपर, 1 एसी हॉट बफे कार और ड्राइवर व गार्ड केबिन के साथ 1 एसी डीएसएलआर शामिल है।
शताब्दी स्टाइल के कोच बनाने में मदद
राजधानी की तरह के इन स्लीपर कोचेज की रफ्तार 160 किमी प्रति घंटे तक होगी। इन 8 कोचों में से 4 पूरी तरह असेंबल्ड स्थिति में आएंगे और बाकी को यहां असेंबल किया जाएगा। डील के मुताबिक दक्षिण कोरिया की कंपनी के अधिकारी इसके लिए एमसीएफ के अधिकारियों को ट्रेनिंग देंगे। इसके अलावा सेल्फ प्रॉपेल्ड एल्युमीनियम कोच के लिए भी डिजाइन दिया जाएगा। इनकी रफ्तार 225 किमी प्रति घंटे तक होगी। इससे एमसीएफ को शताब्दी स्टाइल के कोच बनाने में मदद मिलेगी। इससे रेलवे को देश के प्रमुख शहरों को चेयर कार ट्रेन सर्विसेज से जोड़ने में मदद मिलेगी।
