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धार्मिक स्थलों को खोलने की मांग को लेकर हिंदू संगठनों का “घंटानाद आंदोलन”

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मुंबई। कोरोना महामारी में घोषित लॉकडाउन में धार्मिक स्थलों और मंदिरों को बंद रखने का फैसला अब राजनीतिक विवाद का केंद्र बन रहा है। मंदिरों को खोलने की मांग को लेकर विभिन्न हिंदू संगठनों ने शनिवार को “घंटानाद आंदोलन” करने की घोषणा की है। मुंबई के वडाला स्थित पंढरपुर विठ्ठल – रूक्मिणी मंदिर से राम मंदिर तक मानव श्रंखला बनाकर घंटानाद आंदोलन किया जाएगा।

महाराष्ट्र के प्रमुख धार्मिक- अध्यात्मिक संगठनों, संस्था, प्रमुख देवस्थानों के अध्यक्ष, ट्रस्टी और विविध पंथ- संप्रदाय के प्रमुख धर्माचार्यों ने एकजुट होकर यह निर्णय लिया है। विधान परिषद के सदस्य व भाजपा नेता प्रसाद लाड ने उद्धव सरकार पर जमकर हमला बोला है। लाड ने कहा कि महाराष्ट्र संतों की भूमि है। राज्य में मॉल, मांस, मदिरा की दुकानें चालू है। लेकिन मंदिर व देवस्थान बंद हैं। राज्य सरकार द्वारा निर्धारित किए गए सभी नियमों का पालन करते हुए सभी मंदिर व तीर्थस्थान को खोल दिया जाना चाहिए। भजन, पूजन, कीर्तन शुरू करने की अनुमति दी जाए। लेकिन महाविकास आघाड़ी सरकार इस पर अनुमति देने को तैयार नहीं है। कुंभकर्णी नींद में सोयी सरकार को सचेत करने के लिए शनिवार को घंटानाद आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मंदिर व तीर्थस्थानों के बन्द होने से कई लोगों की रोजीरोटी व आजीविका पर संकट खड़ा हो गया है।


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