यूएई के रास्ते मुंबई की फर्म कर रही थी तस्करी
✍️ प्रहरी संवाददाता मुंबई/नासिक | राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने भारत द्वारा पाकिस्तानी आयातों पर लगाए गए पूर्ण प्रतिबंध को दरकिनार करने की एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय साजिश का भंडाफोड़ किया है। डीआरआई ने ‘ऑपरेशन डीप मैनिफेस्ट’ के तहत कार्रवाई करते हुए नासिक के अंबड स्थित कंटेनर फ्रेट स्टेशन (CFS) पर 13 संदिग्ध कंटेनरों को जब्त कर उनके भीतर से 362 मीट्रिक टन से अधिक पाकिस्तानी सूखा खजूर (छुआरा) बरामद किया है।
खुफिया जानकारी के अनुसार, यह खेप मुंबई की एक व्यापारिक फर्म द्वारा आयात की जा रही थी और इसे संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के रास्ते भारत में खपाने की तैयारी थी।
जांच अधिकारियों के अनुसार, आयात से जुड़े दस्तावेजों में माल का मूल देश (कंट्री ऑफ ओरिजिन) यूएई दर्शाया गया था, ताकि भारतीय सीमा शुल्क जांच से बचा जा सके। प्राथमिक जांच में सामने आया कि इसके पीछे एक सुनियोजित ट्रांसशिपमेंट सिंडिकेट काम कर रहा था। सूखे खजूर की इस खेप को पहले पाकिस्तान के कराची बंदरगाह से एक जहाज के जरिए यूएई के जेबेल अली बंदरगाह भेजा गया था। वहां पाकिस्तानी नागरिकों द्वारा संचालित कंपनियों के जरिए माल को दूसरे कंटेनरों में बदला गया, नए दस्तावेज तैयार किए गए और फिर एक अलग जहाज पर लादकर इसे भारत रवाना कर दिया गया।
उल्लेखनीय है कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा के मद्देनजर विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) की 2 मई 2025 की अधिसूचना संख्या 06/2025-26 के तहत पाकिस्तान से होने वाले सभी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष आयात व पारगमन (ट्रांजिट) पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया था।
इस प्रतिबंध को धता बताने के लिए तस्कर तीसरे देशों के जरिए अवैध रूटिंग का सहारा ले रहे हैं, जिसके खिलाफ डीआरआई ने देशव्यापी स्तर पर ‘ऑपरेशन डीप मैनिफेस्ट’ चला रखा है। एजेंसी का कहना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा और आपूर्ति श्रृंखला की सुरक्षा के लिए फर्जी दस्तावेजों, झूठी घोषणाओं और तीसरे देश के जरिए माल भेजने वाले इस सिंडिकेट के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने की कार्रवाई जारी है।
