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महाराष्ट्र में एसआईआर ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी: 2.07 करोड़ नाम बाहर

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  • चुनाव आयोग ने कहा- पैनिक न करें, स्थायी विलोपन नहीं

✍️ प्रहरी संवाददाता मुंबई | महाराष्ट्र में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) प्रक्रिया के तहत सोमवार को बहुप्रतीक्षित ड्राफ्ट वोटर लिस्ट आधिकारिक तौर पर जारी कर दी गई है। राज्य के कुल 9.78 करोड़ मतदाताओं में से 78.86 फीसदी यानी करीब 7.71 करोड़ मतदाताओं को इस ड्राफ्ट सूची में शामिल किया गया है, जबकि 21.15 फीसदी यानी 2.07 करोड़ मतदाताओं के नाम फिलहाल इस ड्राफ्ट में शामिल नहीं हैं। चुनाव आयोग ने इन 2.07 करोड़ नामों को ‘असंग्रहित गणना प्रपत्र’ (अनकलेक्टेड एन्यूमरेशन फॉर्म) की श्रेणी में दर्ज किया है।

इस आंकड़े के सामने आने के बाद उठे सवालों पर स्थिति स्पष्ट करते हुए महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी एस. चोकलिंगम ने कहा कि इन नामों को स्थायी रूप से हटाया नहीं गया है और मतदाताओं को घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह किसी का तत्काल विलोपन नहीं है।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने राज्य के सभी मतदाताओं से अपील की है कि वे राज्यव्यापी बड़े आंकड़ों पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय ड्राफ्ट सूची में स्वयं का नाम और विवरण अवश्य जांचें। यदि किसी पात्र नागरिक का नाम छूट गया है, तो वह फॉर्म 6 भरकर नाम शामिल करने का आवेदन कर सकता है और किसी भी प्रकार की त्रुटि सुधार के लिए संबंधित फॉर्म भरा जा सकता है।

 

चुनाव आयोग के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 2.07 करोड़ नामों के ड्राफ्ट से बाहर रहने का विस्तृत विवरण जारी किया गया है। इनमें 76.80 लाख ऐसे मतदाता हैं, जो सत्यापन के दौरान स्थायी रूप से किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित पाए गए हैं, जबकि 75.52 लाख लोग घर पर अनुपस्थित मिले या उनका पता नहीं चल सका।

इसके अतिरिक्त 34.81 लाख मृत मतदाताओं के नाम मृत्यु प्रमाण पत्र अथवा परिजनों की पुष्टि के बाद हटाए गए हैं। वहीं 17.63 लाख नाम डुप्लीकेट या किसी अन्य निर्वाचन क्षेत्र में पहले से पंजीकृत पाए गए हैं तथा 2.23 लाख मतदाता अन्य कारणों से इस श्रेणी में रखे गए हैं।

शहरी क्षेत्रों की जमीनी हकीकत को लेकर अधिकारियों का कहना है कि कामकाजी दिनचर्या के चलते दिन के समय कई नागरिक घरों पर उपलब्ध नहीं होते, जबकि महिला बीएलओ के लिए देर रात तक घर-घर जाकर सत्यापन करना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं हो पाता। इस कारण भी कई वास्तविक मतदाताओं के नाम अस्थाई रूप से इस श्रेणी में दर्ज हो गए हो सकते हैं।

निर्वाचन विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह केवल एक ड्राफ्ट सूची है और अंतिम मतदाता सूची जारी होने से पूर्व 31 अगस्त से 30 सितंबर तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की पूरी प्रक्रिया चलेगी। नागरिक संबंधित जिला कलेक्टर की वेबसाइट, भारत निर्वाचन आयोग के आधिकारिक पोर्टल अथवा राजनीतिक दलों के बूथ-स्तरीय एजेंटों के माध्यम से सूची में अपने नाम की पुष्टि कर सकते हैं।


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