✍️ प्रहरी विशेष संवाददाता, मुंबई | मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एक संवेदनशील और अहम निर्णय लेते हुए पुलिस श्वान दस्ते (स्निफर और ट्रैकर डॉग्स) को रिटायरमेंट के बाद भी पुलिस बल के साथ ही बनाए रखने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस नए आदेश के तहत 10 साल की सेवा पूरी कर सेवानिवृत्त होने वाले इन वफादार साथियों को अब किसी गैर-संस्था या व्यक्ति को गोद नहीं दिया जाएगा, बल्कि वे अपने हैंडलर और पुलिस विभाग की देखरेख में ही अपना बाकी जीवन बिताएंगे। उनके खान-पान और चिकित्सा सहित तमाम जरूरतों का पूरा खर्च अब गृह विभाग वहन करेगा।
इससे पहले के नियमों के मुताबिक, 10 साल की सक्रिय सेवा के बाद पुलिस कुत्तों को सेवानिवृत्त कर बाहरी लोगों को गोद दे दिया जाता था। इस अलगाव का उनके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर गहरा असर पड़ता था। कई मामलों में अपने परिचित माहौल और हैंडलर से बिछड़ने के गम में इन कुत्तों ने खाना-पीना तक छोड़ दिया था।
मुख्यमंत्री ने इस मानवीय पहलू को रेखांकित करते हुए स्पष्ट किया कि एक दशक तक पुलिस महकमे में निष्ठापूर्वक सेवा देने वाले इन बेजुबानों को रिटायरमेंट के बाद किसी भी तरह के मानसिक या शारीरिक कष्ट से नहीं गुजरना चाहिए। सरकार का उद्देश्य इन वफादार साथियों के जीवन को सुरक्षित व आरामदायक बनाना और उनके हैंडलर्स के साथ बने भावनात्मक रिश्ते को ताउम्र बनाए रखना है।
