Samachar Prahari
OtherPoliticsTop 10ताज़ा खबरभारतराज्य

पुलिस को ‘खुली छूट’ खराब कानून व्यवस्था के लिए जिम्मेदार : अखिलेश यादव

Share

समाचार प्रहरी, लखनऊ।

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शुक्रवार को राज्य सरकार पर हमला बोला और आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में पुलिस को ‘खुली छूट’ राज्य में खराब कानून व्यवस्था के लिए जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं, बेरोजगारों और राजनीतिक नेताओं सहित समाज के सभी तबकों का अपमान कर रही है और सपा के हजारों कार्यकर्ताओं को फर्जी मामलों में फंसाया गया है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने पार्टी कार्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन में उन्नाव की घटना का जिक्र करते हुए सरकार से पूछा कि आखिर राज्य में क्या हो रहा है, उन्नाव में लगातार घटनाएं हो रही हैं और इनका जिम्मेदार कौन है। उन्नाव के असोहा थाना अंतर्गत बबुरहा गांव में बुधवार शाम पशुओं के लिए चारा लेने गईं तीन दलित किशोरियों में से दो संदिग्ध अवस्था में मृत मिलीं, जबकि एक अन्य गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है। उन्होंने कहा कि उन्नाव में लगातार महिलाओं के खिलाफ अपराध हो रहे हैं तथा हाथरस में तो रात में ही बेटी को जला दिया गया।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार लगातार प्रदेश में निवेश के दावे कर रही है, लेकिन वह निवेश कहां हो रहा है, यह कहीं नहीं दिखता है। सपा अध्यक्ष ने कहा कि जिस प्रदेश में बेटियां सुरक्षित नहीं हैं, मां सुरक्षित नहीं हैं, वहां कौन निवेश करने आएगा। अखिलेश ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह पहली सरकार है जो उन परियोजनाओं का उद्घाटन कर रही है, जिनका उद्घाटन पहले ही हो चुका है।
अखिलेश ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी लगातार कह रही है कि नए कृषि कानूनों से किसानों को लाभ मिलेगा, लेकिन पूरे देश के किसान चाहते हैं कि सभी कानून वापस हों, क्योंकि ये कानून उनके हित में नहीं हैं। भाजपा ने लगातार कहा कि किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य दिया जाएगा, लागत का दोगुना मुनाफा दिया जाएगा, आय दोगुनी कर दी जाएगी, लेकिन अब जब यह करने का समय आया तो ऐसा कानून बना दिया है कि खेती और किसान संकट में चले गए हैं। अखिलेश ने पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर भी केंद्र सरकार की निंदा की।


Share

Related posts

क्रूड सस्ता, टैक्स महंगा: केंद्र ने फिर जेब पर किया हमला

samacharprahari

अंतरिक्ष में इतिहास रचने को तैयार गगनयान

samacharprahari

ED की कार्रवाई पर उठे गंभीर सवाल: 6,444 मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में सिर्फ 53 में ही दोषसिद्धि, क्यों फिसला सरकारी शिकंजा?

samacharprahari

Leave a Comment