ताज़ा खबर
OtherTop 10ताज़ा खबरबिज़नेसराज्य

जीडीपी ग्रोथ रेट निगेटिव रहेगी, रेपो रेट पर नहीं मिली राहत

Share

आरबीआई की तीन दिवसीय मौद्रिक नीति की बैठक

नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक तीन दिनों तक चली। आरबीआई गवर्नर ने वित्त वर्ष 2020—21 में जीडीपी ग्रोथ रेट निगेटिव रहने की बात कही है। इस बैठक में रेपो रेट को लेकर कोई फैसला नहीं लिया गया है। रेपो रेट में बदलाव नहीं होने का सबसे ज्यादा प्रभाव ईएमआई या लोन की ब्याज दरों पर पड़ा है। खाताधारकों या कर्जदारों को नई राहत नहीं मिलेगी। इसके अलावा, रिजर्व बैंक सिस्टम में 10 हजार करोड़ रुपये की अतिरिक्त नकदी डालेगा। इसमें से 5 हजार करोड़ रुपये नाबार्ड के द्वारा और 5 हजार करोड़ रुपये नेशनल हाउसिंग बैंक को दिए जाएंगे।

भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति कमिटी (एमपीसी) की तीन दिवसीय बैठक के बाद गुरुवार को गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि कोरोना संकट से वित्तीय संस्थाओं को राहत देने की कोशिश जारी है, लेकिन नीतिगत दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। चेक पेमेंट में सुरक्षा बढ़ाने की बात कही गई है। ईएमआई मोरेटोरियम पर अभी कोई ऐलान नहीं किया गया है।

रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने बैठक के नतीजों की जानकारी देते हुए कहा कि रेपो रेट को 4 फीसदी पर बरकरार रखने का फैसला लिया गया है। रिवर्स रेपो रेट भी 3.35 फीसदी पर स्थिर रखा गया है। लोन मोरेटोरियम को लेकर भी कोई बात नहीं की गई है। बता दें कि 31 अगस्त को लोन मोरेटोरियम की अवधि खत्म हो रही है। इस बैठक में इसकी अवधि बढ़ाने पर कोई चर्चा नहीं हुई है।

समीक्षा बैठक के बाद आरबीआई गवर्नर ने कहा कि कोविड19 महामारी के कारण ग्लोबल इकोनॉमी अब भी कमजोर है। कोरोना की मार के बाद भारत की इकोनॉमी अब ट्रैक पर लौट रही है। फसलों की अच्छी पैदावार होने से ग्रामीण इकोनॉमी में रिकवरी देखी जा रही है। हालांकि, विदेशी मुद्रा भंडार में बढ़त का सिलसिला जारी है। उन्होंने कहा कि खुदरा महंगाई दर नियंत्रण में है। उन्होंने भरोसा जताया है कि दूसरी छमाही में महंगाई दर कम हो सकती है।

रिजर्व बैंक ने कोरोना संकट के बीच लोगों को राहत देने के लिए गोल्ड लोन के बारे में ऐलान किया है। अब गोल्ड ज्वैलरी का लोन टू वैल्यू (एलटीवी) रेश्यो 90 फीसदी तक होगा। यानी किसी जेवरात के बाजार मूल्य के 90 फीसदी तक लोन दिया जा सकेगा। अभी तक वैल्यू के 75 फीसदी तक ही लोन मिलता था।

रिजर्व बैंक ने कोरोना संकट की वजह से गैर बैंकिंग वित्तीय संस्थाओं और हाउसिंग सेक्टर को नकदी की तंगी से बचाने के लिए एक बार फिर तरलता बढ़ाने की बात कही है। रिजर्व बैंक सिस्टम में 10 हजार करोड़ रुपये की अतिरिक्त नकदी डालेगा। इसमें से 5 हजार करोड़ रुपये नाबार्ड के द्वारा और 5 हजार करोड़ रुपये नेशनल हाउसिंग बैंक को दिए जाएंगे।

कोरोना काल में रिजर्व बैंक के मौद्रिक नीति समीक्षा की तीसरी बैठक थी। बता दें कि कोरोना संकट की वजह से दो बार समय से पहले बैठक हो चुकी है। पहली बैठक मार्च में और उसके बाद मई, 2020 में दूसरी बैठक हुई। इन दोनों बैठकों में रिजर्व बैंक की रेपो रेट में कुल मिला कर 1.15 फीसदी की कटौती की।पिछले साल फरवरी 2019 के बाद रेपो रेट में 2.50 फीसदी की कटौती हो चुकी है।


Share

Related posts

पाकिस्तान में बम धमाके में दो सैनिकों की मौत

Prem Chand

गोविंद पानसरे हत्या केस में सरकार की अपील खारिज

Prem Chand

पाकिस्तान में बस हादसा, 37 लोगों की मौत

Prem Chand

फोन टैपिंग मामले में मुंबई पुलिस ने दूसरी बार रश्मि शुक्ला का बयान किया दर्ज

Prem Chand

Coronavirus: India fights back, 7 more patients cured of Covid-19

Admin

जम्मू-कश्मीर में पांच आतंकवादी मार गिराये

samacharprahari