डिजिटल न्यूज डेस्क, नई दिल्ली। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने चीफ सेक्रेटरी नरेश कुमार के खिलाफ कथित ‘अस्पताल घोटाले’ से जुड़ी रिपोर्ट शनिवार को उपराज्यपाल को भेज दी है। केजरीवाल ने चीफ सेक्रेटरी को तत्काल पद से हटाने और उन्हें सस्पेंड करने की मांग भी की है।
इस बीच, विजिलेंस व रेवेन्यू मिनिस्टर आतिशी ने शनिवार को एक और रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपी। इस रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि अब ‘अस्पताल घोटाले’ के मामले में सबूतों को नष्ट करने की कोशिश की जा रही है।
रिपोर्ट के साथ कुछ सोशल मीडिया अकाउंटस और वेब पोर्टल की डिटेल भी दी गई है। आतिशी ने आरोप लगाया है कि वहां से कुछ तथ्य डिलीट किए गए हैं। हालांकि मेटामिक्स कंपनी ने दिल्ली सरकार के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।
बता दें कि चीफ सेक्रेटरी नरेश कुमार इस महीने रिटायर होने वाले हैं। दिल्ली सरकार ने शुक्रवार को दावा किया था कि चीफ सेक्रेटरी ने अपने पद का दुरुपयोग किया है और आईएलबीएस अस्पताल में बिना टेंडर के ही अपने बेटे से जुड़ी कंपनी को यह प्रोजेक्ट सौंप दिया।
आप पार्टी ने ये भी आरोप लगाया कि आठ महीने पुरानी इस कंपनी के पास कोई अनुभव नहीं था, लेकिन इसके बावजूद उस कंपनी को प्रोजेक्ट दिलवाकर करोड़ों रुपये का फायदा पहुंचाया गया।
हालांकि आईएलबीएस ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया था। लेकिन, अब दिल्ली सरकार ने दावा किया है कि इस मामले से जुड़े प्रमाणों को नष्ट किया जा रहा है।
आतिशी ने दावा किया है कि चीफ सेक्रेटरी के बेटे की लिंकडिन प्रोफाइल डिलीट की गई है। इसी तरह से आईएलबीएस के ट्विटर (एक्स) के प्रोफाइल से भी मेटामिक्स के साथ पार्टनरशिप से जुड़े तथ्य गायब हैं। लगभग सवा दो पेज की इस रिपोर्ट के साथ रेवेन्यू मिनिस्टर ने आठ पेजों के दस्तावेज भी संलग्न किए हैं।
मेटामिक्स टेक्नालॉजी के डायरेक्टर के. डी. शर्मा ने दिल्ली सरकार के आरोपों व दावों को खारिज करते हुए कहा है कि उनकी कंपनी के बारे में झूठ फैलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार चीफ सेक्रेटरी के बेटे करण चौहान को इस कंपनी का फाउंडर बता रही है, जबकि न तो इस नाम का उनका कोई कर्मचारी है और न ही डॉयरेक्टर।
