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मुंबई की मिल भूमि पर स्थित चॉलों और घरों के तेज़ी से पुनर्विकास का रास्ता साफ

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नियमावली में संशोधन का महत्वपूर्ण निर्णयः उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे

✍🏻 प्रहरी डिजिटल डेस्क, नागपुर | मुंबई की कपड़ा मिलों की भूमि पर बनी पुरानी चॉलों का पुनर्विकास अब तेज़ी से हो सकेगा। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने विधान सभा में वर्षों से लंबित पुनर्विकास को गति देने वाला यह महत्वपूर्ण निर्णय घोषित किया। मिल भूमि पर बनी कई इमारतें और चॉलें जर्जर एवं खतरनाक स्थिति में हैं, इसलिए इनका पुनर्विकास अत्यंत आवश्यक माना गया। पगड़ी इमारतों से जुड़े करीब 28,000 मामलों को निपटाने के लिए फास्ट-ट्रैक अदालतें बनाने का निर्णय भी लिया गया है, जिससे अगले तीन वर्षों में सभी विवाद सुलझाने का लक्ष्य रखा गया है।

डीसीएम शिंदे ने बताया कि बृहन्मुंबई विकास नियंत्रण एवं प्रोत्साहन नियमावली–2034 के विनियम 35 (7) (अ) में संशोधन कर यह बदलाव किया गया है। लंबे समय से मिल भूमि के पुनर्विकास में इसलिए अड़चन थी क्योंकि पुनर्वसन क्षेत्र देने के लिए डेवलपर्स को कोई प्रोत्साहन एफएसआई उपलब्ध नहीं था। अब इस कमी को दूर करते हुए संशोधन की अधिसूचना जारी की जा रही है।

मुंबई को ‘पगड़ी सिस्टम’ से मुक्त करने की ऐतिहासिक घोषणा

मुंबई के पुराने शहरी ढांचे में सबसे बड़ी बाधा मानी जाने वाली मिल भूमि की जर्जर चॉलों और पगड़ी सिस्टम की पुरानी इमारतों के पुनर्विकास को महाराष्ट्र सरकार ने आखिरकार निर्णायक गति देने का फैसला किया है। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने विधानसभा में दो महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं, जिन्हें “मुंबई के पुनर्निमाण का सबसे बड़ा सुधार” माना जा रहा है।

शिंदे ने विधानसभा में कहा कि मुंबई में करीब 19,000 सेस इमारतें पगड़ी इमारतों के रूप में जानी जाती हैं। 1960 से पहले बनी ये इमारतें आज जर्जर स्थिति में हैं। लगभग 13,000 से अधिक इमारतें पुनर्विकास की प्रतीक्षा में हैं। किरायेदारों के अधिकार महाराष्ट्र रेंट कंट्रोल एक्ट के तहत सुरक्षित हैं, लेकिन मालिकों को उचित मुआवज़ा नहीं मिल पाने से विवाद लगातार जारी हैं।

इसके अलावा, सरकार ने डेवलपर्स को प्रोत्साहन एफएसआई देने का रास्ता भी खोल दिया है। अब तक पुनर्वसन क्षेत्र देने के बावजूद डेवलपर्स के लिए लाभप्रद मॉडल नहीं बन पा रहा था, जिसके कारण सैकड़ों प्रोजेक्ट वर्षों से अटके थे। नई व्यवस्था से जर्जर चॉलों की मरम्मत और पुनर्विकास तेज़ी से संभव होगा।

 


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