विपक्ष के तेवर तीखे, हिरासत के बाद राहुल बोले- ‘छात्रों के हक की लड़ाई रुकने वाली नहीं’
✍️ प्रहरी संवाददाता, मुंबई / नई दिल्ली | पेपर लीक और उच्च शिक्षा से जुड़ी गंभीर अनियमितताओं के मुद्दे पर सड़क से लेकर सदन तक सियासी घमासान चरम पर पहुँच गया है। जंतर-मंतर पर छात्रों के आंदोलन के दौरान हुए पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में मंगलवार को विपक्ष के दिग्गज नेताओं ने आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया।
दिनभर चले इस हाई-प्रोफाइल ड्रामे के बीच एक तरफ जहाँ पीएम आवास के बाहर विपक्षी दल डटे रहे, वहीं दूसरी तरफ जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और विभिन्न छात्र संगठनों का विरोध प्रदर्शन भी लगातार जारी रहा, जिससे पूरी राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव, और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) की सांसद सुप्रिया सुले समेत विपक्ष के प्रमुख चेहरों ने सीधे प्रधानमंत्री आवास (7 लोक कल्याण मार्ग) का रुख किया और सड़क पर ही धरने पर बैठ गए।
इस दौरान सुरक्षाबलों और नेताओं के बीच तीखी धक्का-मुक्की हुई, जिसमें राहुल गांधी के नाक और छाती पर चोट लग गई। कांग्रेस द्वारा जारी की गई तस्वीरों में राहुल गांधी की नाक के पास से खून बहता देखा गया।
दिल्ली पुलिस ने राहुल, प्रियंका और अखिलेश यादव समेत दर्जनों नेताओं व कार्यकर्ताओं को मौके से हिरासत में लेकर छत्रसाल स्टेडियम भेज दिया, जहाँ से कई घंटों की मशक्कत के बाद देर शाम उन्हें रिहा कर दिया गया।
‘सत्ता की ताकत से नहीं रुकेगी छात्रों के न्याय की लड़ाई’
रिहाई के बाद अपनी प्रतिक्रिया देते हुए राहुल गांधी ने सरकार पर सीधा हमला बोला और कहा, “प्रधानमंत्री मोदी हर जोर आजमा लें, सत्ता की पूरी ताकत लगा लें, लेकिन छात्रों के इंसाफ की यह लड़ाई अब रोकने से भी नहीं रुकेगी।”
उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और पेपर लीक पर संसद में पारदर्शी चर्चा नहीं होती, तब तक यह लड़ाई जारी रहेगी।
इससे पहले, केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह और कांग्रेस नेताओं के बीच हुई वार्ता बेनतीजा रही, क्योंकि कांग्रेस शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और प्रधानमंत्री-गृहमंत्री द्वारा पुलिस कार्रवाई पर माफी की मांग पर अड़ी रही।
सरकार का पलटवार: ‘छात्रों को राजनीतिक हथियार बना रही कांग्रेस’
दूसरी ओर, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि वे छात्रों के भविष्य के बजाय केवल राजनीतिक सुर्खियां बटोरने और अशांति फैलाने में जुटे हैं। धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि सरकार नीट (NEET) और परीक्षा सुधारों से जुड़े हर पहलू पर संसद में व्यापक चर्चा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि छात्र किसी राजनीतिक अभियान के मोहरे नहीं हैं, वे अराजकता के बजाय समाधान और सुधार के हकदार हैं।
इस बीच, एनडीए सांसदों की ‘मंगल मिलन’ बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस पूरे विषय पर सरकार का रुख स्पष्ट किया। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के अनुसार, पीएम मोदी ने बताया कि नीट धांधली की खबर मिलते ही सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 12 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा। साथ ही, छात्रों के हित में बिना किसी देरी के दोबारा परीक्षा आयोजित कर समय पर परिणाम घोषित किए गए। प्रधानमंत्री ने अपील की है कि पेपर लीक जैसे गंभीर अपराध में लिप्त दोषियों को सख्त से सख्त सजा दिलाने के लिए देश के शीर्ष वकीलों को आगे आना चाहिए।

