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आरबीआई ने आर्थिक वृद्धि का अनुमान घटाकर 9.5 प्रतिशत किया

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केंद्रीय रिजर्व बैंक का चालू वित्त वर्ष में मुद्रास्फीति दर 5.1 प्रतिशत रहने का अनुमान

मुंबई। भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकान्त दास ने शुक्रवार को मुख्य नीतिगत दर ‘रेपो रेट’ को चार प्रतिशत पर कायम रखने की घोषणा की। ब्याज दरों में बदलाव न करते हुए केंद्रीय बैंक ने आर्थिक वृद्धि का अनुमान घटाकर 9.5 प्रतिशत कर दिया है। रिजर्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष 2021-22 के दौरान खुदरा मुद्रास्फीति की दर 5.1 प्रतिशत पर रहने का अनुमान लगाया है। यह आंकड़ा मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) के मुद्रास्फीति को चार प्रतिशत (दो प्रतिशत ऊपर या नीचे) के दायरे में बनाए रखने के लक्ष्य के अनुरूप है।
मौद्रिक समीक्षा में कहा गया है कि कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर के गंभीर होने और देशभर में आर्थिक गतिविधियों पर अंकुश लगाए जाने की स्थिति में मुद्रास्फीति के ऊपर की ओर जाने का जोखिम है। इसके साथ ही केंद्रीय बैंक ने सतर्क करते हुए यह भी कहा है कि वैश्विक स्तर पर जिेंसों के ऊंचे दाम की वजह से मुद्रास्फीति बढ़ेगी। गवर्नर ने कहा कि महंगाई दर बढ़ने से चालू वित्त वर्ष में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति 5.1 प्रतिशत पर रहेगी। वित्त वर्ष की पहली तिमाही में मुद्रास्फीति 5.2 प्रतिशत, दूसरी में 5.4 प्रतिशत, तीसरी में 4.7 प्रतिशत और चौथी तिमाही में 5.3 प्रतिशत रहने का अनुमान है। गवर्नर ने कहा कि ऐसे परिदृश्य में खाद्य वस्तुओं की कीमतों को आपूर्ति पक्ष की दिक्कतों से बचाने की जरूरत है। इसके लिए लगातार निगरानी और तैयारियों की जरूरत होगी। केंद्र के साथ राज्यों को इस बारे में समयबद्ध उपाय करने होंगे। अप्रैल माह में खुदरा मुद्रास्फीति की दर 4.3 प्रतिशत रही है।


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