सरकार के खजाने में प्रत्यक्ष कर से ₹12.12 लाख करोड़ आए, लेकिन बढ़ते रिफंड ने नेट कलेक्शन की रफ्तार पर दबाव बढ़ाया।
✍️ बिजनेस न्यूज डेस्क, मुंबई/नई दिल्ली | चालू वित्त वर्ष में केंद्र सरकार के शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह (Net Direct Tax Collection) में मजबूत वृद्धि दर्ज की गई है। आयकर विभाग के 17 सितंबर 2026 तक के अस्थायी आंकड़ों के मुताबिक, नेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन सालाना आधार पर करीब 13% बढ़कर ₹12.12 लाख करोड़ पहुंच गया है। कॉरपोरेट टैक्स, व्यक्तिगत आयकर और सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) में मजबूती ने कर संग्रह को गति दी है।
हालांकि, इस दौरान टैक्स रिफंड में तेज बढ़ोतरी ने शुद्ध संग्रह की रफ्तार को कुछ सीमित किया है। आंकड़ों के अनुसार, 17 सितंबर तक कुल प्रत्यक्ष कर संग्रह ₹14.32 लाख करोड़ रहा, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 15.19% अधिक है। वहीं, करदाताओं को जारी किए गए रिफंड में 29.19% की वृद्धि हुई और यह बढ़कर करीब ₹2.20 लाख करोड़ हो गया।
सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए कुल ₹26.97 लाख करोड़ प्रत्यक्ष कर संग्रह का लक्ष्य निर्धारित किया है। सितंबर के मध्य तक नेट कलेक्शन इस वार्षिक लक्ष्य का लगभग 45% हासिल कर चुका है। हालांकि, पूरे साल का लक्ष्य प्राप्त करने के लिए जिस गति से संग्रह बढ़ना जरूरी है, उसकी तुलना में मौजूदा वृद्धि दर थोड़ी कम है।
पिछले वित्त वर्ष में केंद्र सरकार का वास्तविक प्रत्यक्ष कर संग्रह ₹23.40 लाख करोड़ रहा था। मौजूदा वित्त वर्ष के लक्ष्य को हासिल करने के लिए पिछले साल के वास्तविक संग्रह की तुलना में करीब 15.25% की वृद्धि आवश्यक है।
कर संग्रह में कॉरपोरेट टैक्स और व्यक्तिगत आयकर की मजबूती के साथ STT में तेज वृद्धि भी महत्वपूर्ण कारक रही है। इससे शेयर बाजार में बढ़ती गतिविधियों का सरकारी राजस्व पर असर स्पष्ट होता है। हालांकि, आगे सरकार के लिए चुनौती यह होगी कि रिफंड में बढ़ोतरी के बीच कर संग्रह की रफ्तार को बनाए रखते हुए ₹26.97 लाख करोड़ के वार्षिक लक्ष्य तक पहुंचा जाए।
