मुवफ्फाक साल्टी एयरबेस पर मिसाइल स्ट्राइक के बीच अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने ईरानी दावों को बताया बेबुनियाद
ट्रंप ने हॉर्मुज का नाम बदलने की कही बात
✍️डिजिटल न्यूज डेस्क, नई दिल्ली | पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य संघर्ष बेहद आक्रामक मोड़ पर पहुंच गया है। ईरानी सेना ने जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकाने ‘मुवफ्फाक साल्टी एयरबेस’ को निशाना बनाकर भीषण हमला किया है।
रक्षा सूत्रों और ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस मिसाइल हमले में अमेरिका के आठ एफ-15 लड़ाकू विमानों और एक ए-10 थंडरबोल्ट को भारी नुकसान पहुंचने का दावा किया गया है। अमेरिकी सेना ने जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरान के ठिकानों पर 30 मिसाइलें दागी हैं। इससे पूर्व अमेरिका ने ईरान के पांच तेल टैंकरों को निशाना बनाकर तबाह कर दिया था, जिसके जवाब में यह हमला किया गया।
दूसरी ओर, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने आधिकारिक बयान जारी कर ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है, जिसमें अमेरिकी नौसेना के दो डिस्ट्रॉयर युद्धपोतों को डुबोने या नुकसान पहुंचाने की बात कही गई थी। सेंटकॉम ने स्पष्ट किया कि अमेरिकी युद्धपोत पूरी तरह सुरक्षित हैं और ईरान द्वारा किए गए मिसाइल हमले नाकाम कर दिए गए हैं।
इस भारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बयान जारी कर कहा है कि अमेरिका इस युद्ध में निर्णायक जीत हासिल करने की ओर अग्रसर है। उन्होंने दावा किया कि युद्ध समाप्त होते ही वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट आएगी। साथ ही ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज का नाम बदलकर ‘ट्रंप स्ट्रेट’ रखने का प्रस्ताव भी सामने रखा है।
