ताज़ा खबर
Other

ऐसे होगा ‘एक देश, एक चुनाव’, कमिटी ने सौंपी अपनी रिपोर्ट, संविधान में संशोधन की सिफारिश

Share

  • 32 दलों ने एक साथ चुनाव कराने का किया समर्थन
    15 पार्टियों ने एक चुनाव का किया विरोध
    191 दिन बाद कमिटी ने सौंपी रिपोर्ट
    18625 पेज की रिपोर्ट राष्ट्रपति को सौंपी

प्रहरी संवाददाता, नई दिल्ली। एक देश, एक चुनाव के लिए बनाई गई हाई लेवल कमिटी ने अपनी रिपोर्ट राष्ट्रपति को सौंप दी है। इस समिति ने सिफारिश की है कि देश में लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के चुनाव साथ-साथ कराए जाएं। समिति ने इसके लिए संविधान में संशोधन की सिफारिश भी की है।
केंद्र में बीजेपी गठबंधन की सरकार ने एक देश, एक चुनाव के बारे में 2 सितंबर 2023 को एक हाई लेवल कमिटी गठित की थी। पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में 7 सदस्यों को शामिल किया गया था। इस रिपोर्ट में कहा गया कि विधानसभा और लोकसभा चुनाव अलग अलग कराए जाने से सौहार्द बिगड़ता है। साथ ही आर्थिक विकास, शैक्षणिक क्षेत्र और चुनावी खर्च भी बढ़ता है, इसका देश की आर्थिक स्थिति पर विपरीत असर होता है।

कौन-कौन हैं कमिटी में
पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को कमिटी का चेयरमैन बनाया गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, लोकसभा में विरोधी दल के नेता अधीर रंजन चौधरी, गुलाम नबी आजाद, 15वीं फाइनैंस कमिशन के पूर्व चेयरमैन एन. के. सिंह, लोकसभा के पूर्व सेक्रेटरी जनरल सुभाष सी. कश्यप, सीनियर एडवोकेट हरीश साल्वे और पूर्व चीफ विजिलेंस कमिश्नर संजय कोठारी सदस्य के रूप में शामिल थे। कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल स्पेशल इन्वाइटी बनाए गए हैं, जबकि लीगल मामलों के सेक्रेटरी एन. चंद्रा हाई लेवल कमेटी के सचीव बनाए गए हैं। हालांकि बाद में अधीर रंजन चौधरी ने मेंबर बनने से इनकार कर दिया था।

कमिटी ने कहा है कि एक साथ चुनाव और कार्यकाल फिक्स करने के लिए संविधान में संशोधन करना होगा। इसके लिए अनुच्छेद-324 और 325 में संशोधन करना होगा। अनुच्छेद-324 में संशोधन के लिए राज्यों से पुष्टि लेनी होगी। अनुच्छेद-324 में संशोधन से एकसाथ चुनाव कराने और अनुच्छेद-325 में संशोधन से वोटर आई कार्ड के संदर्भ में की गई सिफारिश का रास्ता साफ होगा। इसके अलावा, अनुच्छेद-83 और 172 में संशोधन करने की सिफारिश भी की गई है। इसके तहत लोकसभा और विधानसभा के कार्यकाल के बारे में बताया गया है। इस संवैधानिक संशोधन को राज्यों की मंजूरी की जरूरत नहीं होगी। कमिटी ने रिप्रजेंटेशन ऑफ पीपल ऐक्ट में भी संबंधित बदलाव की सिफारिश की है।


Share

Related posts

महिला की सिर कटी लाश बरामद

Vinay

…तो 225 किमी की रफ्तार से दौड़ने लगेंगी रेलगाड़ियां!

samacharprahari

बिहार में शिक्षकों की ट्रांसफर-पोस्टिंग पर रोक

Prem Chand

तालिबान ने कहा-हम इस्लामी कानून के मुताबिक देश चलाएंगे

samacharprahari

देवेंद्र, ड्रग माफिया से कैसे अनजान रह सकते हैं: राउत

samacharprahari

मलिंगा ने सभी फॉर्मेट से लिया संन्यास

Vinay